spiritual psychology india No Further a Mystery
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लापरवाही और आलस्य से हमारा भेद खुल जाता है।
योग्य सहायकों के बिना निर्णय लेना कठिन होता है।
संकट में सिर्फ आपकी बुद्धि ही काम आती है।
शेर भूखा होने पर भी घास नहीं खाता, मतलब मजबूर होने पर भी बुरा काम मत करो।
हीरे को परखना है तो अँधेरे का इंतजार करो क्योंकि धूप में तो बेकार कांच के टुकड़े भी चमकने लगते हैं।
रिजक के पीछे कभी अपना ईमान मत बेचों क्योंकि रिजक इंसान का पीछा इस तरह करती है जैसे उसकी मौत।
मंजिल कितनी भी दूर है पर कभी घबराना मत ए दोस्तों, क्योंकि नदी कभी नहीं पूछती कि अभी समुंदर कितनी दूर है।
मधुर बोली केवल सुनने में ???? Kahan Kahan Laabh Milta Hai? ही नहीं अच्छी लगती है बल्कि यह एक सुखी जीवन का निर्माण करती है।
अड़चन वो चीज है जो आपको आपकी मंजिल से दृष्टि हटा लेने केबाब दिखाई देती हैं।
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं उससे नहीं जो आप कल करने वाले हैं।
अंधेरे में बैंगन को टमाटर समझ कर खाओगे तो वह तुम्हारे लिए टमाटर ही बन जायेगा।
ना इंसान अपनी मर्जी से पैदा हुआ है और ना अपनी मर्जी से मरेगा फिर क्यों वह इसके बीच वक्त अपनी मर्जी से गुजारना चाहता है।
दुनिया में सबसे बड़ी नेकी बंद मुट्ठी से खैरात करना है।
जो तुम्हें खुशी में याद आए समझो तुम उससे मोहब्बत करते हो और जो तुम्हें गम में याद आए समझो को तुमसे मोहब्बत करता है।